नए उत्तर
पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की क़ब्र को मस्जिद में सम्मिलित करने की तत्वदर्शिता क्या है ॽ
सहेजेंमृतक की ओर से और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरफ से क़ुर्बानी करने का हुक्म
सहेजेंतलाक़ को घटित होने से रोकने के लिए अनेक शरई प्रतिबंध
सहेजेंओवरनाइट शुल्क के साथ ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग करने का हुक्म
सहेजेंक्या इस्लाम गैर-मुसलमानों को दया और करुणा की दृष्टि से देखता है?
सहेजेंउम्रा का तरीका
उम्रा चार चीज़ों से मिलकर बनता है : एहराम बाँधना, अल्लाह के पवित्र घर (काबा) का तवाफ़ करना, सफ़ा और मरवा के बीच सई करना, और बाल मुँडवाना या छोटे करवाना। विस्तृत उत्तर में हम सुन्नत में वर्णित उम्रा के तरीके को संक्षेप में बताएँगे।सहेजेंदुनिया और आख़िरत में हाफ़िज़े-क़ुरआन की विशेषताएँ
हाफ़िज़े-क़ुरआन को दुनिया और आख़िरत में जो विशेषताएँ प्राप्त होती हैं, उनमें से कुछ ये हैं : • उसे नमाज़ पढ़ाने में दूसरों पर प्राथमिकता दी जाती है, अर्थात् वह लोगों का इमाम होता है। • मृत्यु के बाद जब उसे क़ब्र में रखा जाता है, तो क़िबला (मक्का में स्थित काबा) की दिशा में उसका स्थान दूसरों से आगे होता है। • यदि वह नेतृत्व और प्रशासन की क्षमता रखता हो, तो उसे नेतृत्व की ज़िम्मेदारी सौंपने में प्राथमिकता दी जाती है। • आख़िरत में उसका वास्तविक दर्जा उस अंतिम आयत के अनुसार होगा जिसे उसने याद रखा था। • वह जन्नत में फ़रिश्तों के साथ उनके स्थानों में उनका साथी बनकर रहेगा। • उसे सम्मान का मुकुट और सम्मान का वस्त्र पहनाया जाएगा।सहेजेंवह उम्रा की नीयत से बिना एहराम के मक्का में प्रवेश किया
सहेजेंशौच की आवश्यकता पूरी करने जाने के लिए तवाफ बंद कर दिया, फिर वापस आकर उसे पूरा किया, तो क्या उसका तवाफ सही है?
सहेजेंइस्लामी जीवन सबसे उत्तम जीवन है और उस पर स्थिर रहने के साधन
इस्लामी जीवन वास्तव में सबसे श्रेष्ठ जीवन है जिसे इनसान जी सकता है। लेकिन इस जीवन में धैर्य और सहनशीलता की ज़रूरत होती है। धर्म को मज़बूती से थामे रहना आसान काम नहीं है; बल्कि, यह उस व्यक्ति की स्थिति के समान है जो जलते अंगारों को पकड़े हुए हो। अल्लाह की तौफ़ीक़ के बाद इस पर जमें रहने में सहायक चीज़ इस रास्ते पर धैर्य रखना है, यहाँ तक कि बंदा अपने रब से इस हाल में मिले कि न उसने कोई कोताही की हो और न ही बदलाव किया हो। तथा आप अपने दिल में निराशा को प्रवेश न करने दें, और इस उम्मत को विजय और प्रभुत्व प्रदान करने के अल्लाह के वादे पर पूरा भरोसा रखें।सहेजें