नए उत्तर
क्या इस्लाम गैर-मुसलमानों को दया और करुणा की दृष्टि से देखता है?
सहेजेंउम्रा का तरीका
उम्रा चार चीज़ों से मिलकर बनता है : एहराम बाँधना, अल्लाह के पवित्र घर (काबा) का तवाफ़ करना, सफ़ा और मरवा के बीच सई करना, और बाल मुँडवाना या छोटे करवाना। विस्तृत उत्तर में हम सुन्नत में वर्णित उम्रा के तरीके को संक्षेप में बताएँगे।सहेजेंदुनिया और आख़िरत में हाफ़िज़े-क़ुरआन की विशेषताएँ
हाफ़िज़े-क़ुरआन को दुनिया और आख़िरत में जो विशेषताएँ प्राप्त होती हैं, उनमें से कुछ ये हैं : • उसे नमाज़ पढ़ाने में दूसरों पर प्राथमिकता दी जाती है, अर्थात् वह लोगों का इमाम होता है। • मृत्यु के बाद जब उसे क़ब्र में रखा जाता है, तो क़िबला (मक्का में स्थित काबा) की दिशा में उसका स्थान दूसरों से आगे होता है। • यदि वह नेतृत्व और प्रशासन की क्षमता रखता हो, तो उसे नेतृत्व की ज़िम्मेदारी सौंपने में प्राथमिकता दी जाती है। • आख़िरत में उसका वास्तविक दर्जा उस अंतिम आयत के अनुसार होगा जिसे उसने याद रखा था। • वह जन्नत में फ़रिश्तों के साथ उनके स्थानों में उनका साथी बनकर रहेगा। • उसे सम्मान का मुकुट और सम्मान का वस्त्र पहनाया जाएगा।सहेजें
हज्ज संबंधी चयनित प्रश्न
उत्तर
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