इस्लामी जीवन सबसे उत्तम जीवन है और उस पर स्थिर रहने के साधन
इस्लामी जीवन वास्तव में सबसे श्रेष्ठ जीवन है जिसे इनसान जी सकता है। लेकिन इस जीवन में धैर्य और सहनशीलता की ज़रूरत होती है। धर्म को मज़बूती से थामे रहना आसान काम नहीं है; बल्कि, यह उस व्यक्ति की स्थिति के समान है जो जलते अंगारों को पकड़े हुए हो। अल्लाह की तौफ़ीक़ के बाद इस पर जमें रहने में सहायक चीज़ इस रास्ते पर धैर्य रखना है, यहाँ तक कि बंदा अपने रब से इस हाल में मिले कि न उसने कोई कोताही की हो और न ही बदलाव किया हो। तथा आप अपने दिल में निराशा को प्रवेश न करने दें, और इस उम्मत को विजय और प्रभुत्व प्रदान करने के अल्लाह के वादे पर पूरा भरोसा रखें।