वर्गीकरण वृक्ष
प्रार्थना (दुआ)
क्या रोज़ी में वृद्धि के लिए कोई विशिष्ट नमाज़ है?
सही और प्रमाणित सुन्नत में रोज़ी बढ़ाने के लिए कोई विशेष नमाज़ नहीं मिलती। प्रश्न में वर्णित यह नमाज़ और इसकी विशेष दुआ एक नयी बनाई हुई नमाज़ है। यह दीन में ऐसी चीज़ को शरीअत का हिस्सा बना देना है जिसकी अनुमति अल्लाह ने नहीं दी, तथा यह नई गढ़ ली गई बिदअतों में से है जिनसे रोका गया है। परंतु रोज़ी में बरकत और वृद्धि के लिए शरीअत ने कुछ वैध और प्रमाणित कारण बताए हैं, जिनमें से कुछ की ओर इशारा करना और ध्यान दिलाना अच्छा है, जैसे : इस्तिग़फ़ार (अल्लाह से क्षमा माँगना), रिश्तेदारों से संबंध बनाए रखना (सिला-रहमी), दुआ करना, अल्लाह का तक़वा अपनाना, अधिक सदक़ा देना, अधिकाधिक हज्ज और उमरा करना तथा उनके बीच निरंतरता रखना।सहेजेंसदाचारियों की प्रतिष्ठा और अल्लाह के यहाँ उनके स्थान के माध्यम से अल्लाह से सवाल करने का हुक्म
सहेजेंज़िक्र और दुआ के दौरान आँखें बंद करने का हुक्म
सहेजेंवह अपने मुस्लिम भाई के लिए उसकी अनुपस्थिति में दुआ करता है, फिर उसे उसके बारे में बताता है
सहेजेंवह हमेशा इस्तिग़फ़ार करता है, लेकिन उसके संतान नहीं हुई और न ही बारिश होती है।
सहेजेंवुज़ू के दौरान नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की प्रतिष्ठा के माध्यम से दुआ मांगना
सहेजेंक्या बारिश होते समय दुआ करना मुस्तहब है? तथा बारिश होने और गरज सुनाई देने के समय क्या दुआ पढ़ी जाएगी?
सहेजेंसंतान पर बद्दुआ (अभिशाप) करने का हुक्म
सहेजेंकिसी ऐसी चीज़ के बारे में दुआ करना जिसका परिणाम पहले ही निर्धारित किया जा चुका है
सहेजेंदुआ के कुछ शिष्टाचार
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