मुसलमानों का आपस में एक दूसरे को नए वर्ष दिवस की बधाई देने का हुक्म

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प्रश्न 177460

क्या मुसलमानों के लिए नए ईसवी वर्ष के अवसर पर एक दूसरे के लिए प्रार्थना करना और बधाइयों का आदान प्रदान करना जायज़ है? ज़ाहिर है कि वे लोग उसका उत्सव मनाने के इरादे से ऐसा नहीं करते हैं।

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :

मुसलमानों के लिए नव वर्ष दिवस पर आपस में बधाइयों का आदान प्रदान करना जायज़ नहीं है, जिस तरह कि उनके लिए उसका जश्न मनाना जायज़ नहीं है ; क्योंकि इन दोनों मामलों में काफिरों (नास्तिकों) की समानता अपनाना (उनकी नकल करना) पाया जाता है, हालांकि हमें इससे रोका गया है। नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया :

''जिसने किसी क़ौम की समानता अपनाई वह उन्हीं में से है।'' इसे अबू दाऊद (हदीस संख्या : 4031) ने रिवायत किया है और अल्बानी ने ''सहीह सुनन अबू दाऊद'' में इसे सहीह कहा है।

तथा किसी ऐसे दिन की बधाई देना जो हर वर्ष आता है, उसका उत्सव मनाने और उसे ईद (त्योहार) बनाने के अर्थ में आता है। और यह भी निषिद्ध और वर्जित है।

इस्लाम प्रश्न और उत्तर

संदर्भ

दोस्ती और दुश्मनी

स्रोत

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