क्या मुअज़्ज़िन के लिए इमाम बनना जायज़ हैॽ

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प्रश्न 112072

क्या मुअज़्ज़िन के लिए नमाज़ के लिए इक़ामत कहने के बाद नमाज़ियों के लिए इमाम बनना जायज़ हैॽ

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :

जी हाँ, एक ही व्यक्ति के लिए अज़ान देना और इमामत करना जायज़ है। अगर मुअज़्ज़िन दूसरों की तुलना में क़ुरआन का अधिक ज्ञान रखने वाला है, तो वह उपस्थित लोगों को इमाम के रूप में नमाज़ पढ़ाएगा। यही हुक्म उस समय भी लागू होता है अगर नियमित इमाम अनुपस्थित है और वह इसे अपने स्थान पर नियुक्त कर गया है। इसी तरह उसके लिए नियमित इमाम के रूप में नियुक्त होना भी जायज़ है।” उद्धरण समाप्त हुआ।

आदरणीय शैख अब्दुल्लाह बिन जिबरीन

“फतावा इस्लामिय्यह” (1/252).

संदर्भ

नमाज़ में इमामत

स्रोत

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