हर प्रकार
की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।
"इस
प्रश्न का उत्तर इस बात पर निर्भर करता है कि: क्या इस आदमी ने अपनी तरफ से हज्ज किया
है या अपने अलावा किसी दूसरे की तरफ से ?
इसका उत्तर
यह है कि:
निःसंदेह
उसने अपने अलावा किसी दूसरे की तरफ से हज्ज किया है, अपनी तरफ से हज्ज
नहीं किया है। अतः उसे वह अज्र नहीं मिलेगा जिसका नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
ने उल्लेख किया है; कयोंकि उसने अपने अलावा दूसरे की तरफ से हज्ज किया है। किंतु
इन-शा अल्लाह यदि उसने अपने भाई को लाभ पहुँचाने और उसकी आवश्यकता को पूरी करने का
इरादा किया है तो अल्लाह तआला उसे पुण्य देगा।"
"फतावा इब्ने उसैमीन" (21/34).