हर प्रकार
की प्रशंसा और
स्तुति केवल अल्लाह
के लिए योग्य है।
सर्व प्रथम
:
हम अल्लाह
की प्रशंसा करते
और उसके आभारी
हैं कि उसने अपने
कुछ बंदों को इस्लाम
के लिए काम करने,
उसकी
सेवा और उसके प्रकाशन
की तौफीक़ दी,
तथा
हम उसकी स्तुति
करते और उसके आभारी
हैं कि उसने इन
लोगों को अहले
सुन्नत में से
बनाया है जो नबी
सल्लल्लाहु अलैहि
व सल्लम के तरीक़े
पर चलते हैं,
वैध
चीज़ को तलाश कर
उसे करते,
और मनगढ़ंत
और अवैध चीज़ को
पहचान कर उसे छोड़
देते हैं,
हम अल्लाह
तआला से प्रश्न
करते हैं कि प्रश्नकर्ता
भाई भी उन्हीं
में से हो।
दूसरा :
वैध और धर्म
संगत चीज़ जिसका
आपके लिए मुसलमानों
और गैर मुस्लिमों
के लिए उस रेडियों
में पेश करना संभव
है जिसे आप बनाना
चाहते हैं, बहुत
अधिक हैं, हम आपके
लिए उनमें से कुछ
चीज़ों का उल्लेख
करते हैं,
जो मात्र
उदाहरण के तौर
पर हैं, उन्हीं
में से कुछ यह हैं
:
क. अल्लाह
की किताब से संबंधित
कार्यक्रम, उन्हीं
में से कुछ यह हैं
:
1- नियमित
रूप से संपूर्ण
क़ुरआन के पाठ।
2- उत्कृष्ट
आवाज़ों में क़ुरआन
की तिलावत।
3- आसान तरीक़े
से तज्वीद की शिक्षा।
4- तफ्सीर
(क़ुरआन की व्याख्या)
के बारे में आसान
पाठों का हस्थानतरण।
ख. नबी सल्लल्लाहु
अलैहि व सल्लम
की सुन्नत से संबंधित
कार्यक्रम, और
उन्हीं में से
कुछ निम्नलिखित
हैं :
1- नियमित
रूप से सही सुन्नत
की किताबों का
पाठ करना।
2- सही हदीसों
की आसान व्याख्या।
3- ज़ईफ और मौज़ू
(मनगढ़ंत) हदीसों
पर चेतावनी।
ग. बच्चों
के लिए विशेष कार्यक्रम,
उन्हीं में से
कुछ यह हैं :
1- बच्चों
में से क़ुरआन और
हदीस के हाफिज़ों
के साथ मुलाक़ात।
2- उनके प्रश्नों
को लेना और ऐसे
उत्तर देना जो
उनके उचित हों।
3- सामग्री
और शैली में दिलचस्प
और आसान कहानियाँ।
घ. महिलाओं
के लिए विशेष कार्यक्रम,
उन्हीं में से
कुछ यह हैं :
1- महिलाओं
को उनके लिए विशिष्ट
धार्मिक प्रावधानों
की शिक्षा देना।
2- सामाजिक
और वैवाहिक जीवन
की समस्याओं से
संबंधित विशेष
परामर्श।
3- पूर्वजों
और समकालीन ज्ञानियों
और दावत के क्षेत्र
में कार्य करने
वाली महिलाओं की
जीवनियों का पाठ
करना।
ड. गैर-मुस्लिमों
के लिए विशेष कार्यक्रम,
जिनमें से कुछ
यह हैं :
1- इन लोगों
ने कैसे और क्यों
इस्लाम स्वीकार
किया।
2- इस्लाम
धर्म के प्रावधानों
और नैतिकता के
गुण और अच्छाईयाँ।
3- क़ुरआन की
बलागत
(वाक्पटुता) और
उसके चमत्कार।
च. तथा कुछ
सामान्य चीज़ें
हैं जो उपयोगी
हो सकती हैं, उन्हीं
में से कुछ निम्नलिखित
हैं :
1- मस्जिदुल
हराम और मस्जिद
नबवी की नमाज़ के
शआइर का हस्तांतरण।
2- ऐसी गीतें,
जो संगीत वाद्ययंत्र,
दुफ (डफ) और ऐसे प्रभावों
से मुक्त हों जो
संगीत वाद्ययंत्र
के समान होते हैं,
और उसकी उपस्थिति
आकर्षित करने वाली
या प्रमुख न हो,
बल्कि वह अवकाश की
अवधि, या उद्देश्यपूर्ण
वैज्ञानिक और शैक्षिक
कार्यक्रमों के
बीच कड़ी (लिंक)
के परिच्छेद के
तौर पर हों।
3- उपयोगी
शैक्षिक प्रतियोगितायें।
4- विश्वसनीय
विद्वानों के धार्मिक
फतवे।
5- सार्वजनिक
भाषण।
6- कार्यप्रणाली
(मनहज) संबंधी पाठ,
जैसे फिक़्ह (धर्मशास्त्र)
की पुस्तकों और
सलफी अक़ीदा की
पुस्तकों की व्याख्याएं।
7- पुस्तक
और लेखक, इसमें
उपयोगी और लाभदायक
- धार्मिक और सामान्य वैज्ञानिक
- पुस्तकों का परिचय
और उन पुस्तकों
के लेखकों का परिचय
प्रस्तुत किया
जाय।
8- आप विभिन्न
प्रकार के तैयार
ऑडियो सामग्री
प्रसारित करने
के लिए विश्वसनीस
इस्लामी साइटों
से मदद ले सकते
हैं, जैसे कि
वह सामग्रियाँ
जो “इस्लामवे“
(islamway) नामी साइट
पर हैं, तथा आप मज्द
और हिकमह नामी
चैनलों तथा शैख
इब्ने उसैमीन उगैरह
से संपर्क कर सकते
है ताकि आपको प्रकाशन
के योग्य उपयोगी
लाभदायक आडियों
उपलब्ध करायें।
तीसरा :
जो चीज़ें
शरीअत में हलाल
(वैध) नहीं हैं उनमें
से आपको निम्नलिखित
चीज़ों की सलाह
देते हैं :
1- संगीत वाद्ययंत्र,
म्यूज़िक
अन्तराल और गाने
न रखें।
2- रेडियो
के प्रसारण की
जगह निषिद्ध मिश्रण
से खाली हो ; क्योंकि
कार्य स्थल में
महिलाओं कि उपस्थिति
की कोई आवश्कयता
नहीं है, और जिस
महिला के अंदर
योग्यता पाई जाती
है वह फोन द्वारा
भाग ले सकती है।
3- सूदखोरी
करने वाले बैंकों
और संस्थाओं के
विज्ञापन स्वीकार
करने से बचें, तथा
हराम और निषिद्ध
चीज़ों के विज्ञापन
क़बूल करने से उपेक्षा
करें।
और अंत में
:
हम आपको
इस बात की वसीयत
करते हैं कि आपके
पास धार्मिक शास्त्रों
में विशेषज्ञ और
शुद्ध प्रणाली
(मनहज) से परिचित
लोगों की एक समिति
होनी चाहिए, जिससे
आप रेडियो के कार्यक्रमों
और उसकी गतिक्रम
के मूल्यांकन के
बारे में परामर्श
ले सकें, यह आपके
लिए आपकी दावत
की सफलता के लिए
बेहतर है, और हम
अल्लाह तआला से
प्रार्थना करते
हैं कि वह आपको
तौफीक़ दे और आपके
मामले को आसान
कर दे।