हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए है।
शेयरों के ज़कात के संबंध में बुनियादी सिद्धांत यह है कि "अगर कंपनी किसी
भी कारण अपने धन की ज़कात न निकाले, तो शेयहधारकों पर अनिवार्य है कि वे अपने
शेयरों की ज़कात निकालें, अगर शेयरधारक कंपनी के खातों से यह जानकारी कर सकता है कि
यदि कंपनी निर्दिष्ट तरीक़े पर अपने धन की ज़कात देती तो उसके अपने शेयरों (हिस्से)
की ज़कात कितनी होगी, तो वह इस आधार पर अपने शेयरों की ज़कात निकालेगा ; क्योंकि
शेयरों के ज़कात के संबंध में यही असल (बुनियादी सिद्धांत) है।
और अगर शेयरधारक इसकी जानकारी प्राप्त करने में असक्षम है :
तो अगर वह कंपनी में शेयर इस उद्देश्य से खरीदा है ताकि वह शेयरों के वार्षिक
लाभांश से फायदा उठाये, उस का मक़सद व्यापार करना नहीं है, तो इस प्रकार के शेयरों के मालिक
पर मूल शेयर में ज़कात नहीं है, बल्कि केवल उसके लाभ में ज़कात अनिवार्य होगी, और वह लाभ (आय) को अपने
क़ब्ज़े में करने के दिन से एक साल गुज़रने के बाद चालीसवाँ भाग (2.5%) है, जबकि ज़कात के अनिवार्य होने की शर्तें पाई जाती हों और कोई
रूकावट न हो।
और अगर शेयरधारक ने व्यापार के उद्देश्य से शेयर लिया है : तो वह व्यापार के
माल की ज़कात निकाले गा, जब उस के ज़कात का साल आ जाये और वह शेयर उसके अधिकार में हो
: तो वह उसके बाज़ार मूल्य की ज़कात देगा, और अगर वहाँ उस के लिए कोई बाज़ार नहीं है तो
विशेषज्ञों के उसके मूल्यांकन के अनुसार उसके मूल्य की ज़कात देगा, चुनाँचि वह उस मूल्य से
और लाभांश से यदि शेयरों का कुछ लाभांश है तो, चालीसवाँ हिस्सा अर्थात 2.5% ज़कात निकाले गा।"
"मजल्ला मुजम्मा अल-फिक़्ह अल-इस्लामी" (इस्लामी फिक़्ह अकादमी की
पत्रिका) (1/879) से संछेप के साथ समाप्त हुआ।
अगर शेयर गिर जायें और उसके मालिक (धारक) लोग उस में हस्तछेप करने से असमर्थ
हो जायें, तो उन्हें बेचने या उन के मूल्यों को लौटाने के समय एक बार ज़कात दी जायेगी।
डा0 मुहम्मद अल उसैमी हफि-ज़हुल्लाह
से प्रश्न किया गया कि : ऐ शैख, अल्लाह आप के साथ सद्व्यवहार करे और आप को अच्छा
बदला दे, आप
अद्दरेबी रियलस्टेट कंपनी (अल बुंदुक़िय्या द्वीप समूह) को जानते हैं, उसके और
सरकार के बीच एक समस्या थी, वह कंपनी लगभग पाँच साल
तक बैठी रही, और हम लगभग निराश हो चुका थे, लेकिन अब अल्लाह तआला उसे ले आया
है, और
उसने शेयरधारकों के पैसे वापस लौटा दिये हैं, तो क्या उन पर ज़कात अनिवार्य है
? और मैं उस से कितने वर्ष की ज़कात निकालू ?
तो उन्हों ने उत्तर दिया : हाँ, आप पर एक साल की ज़कात निकालना अनिवार्य है। और
अल्लाह तआला ही सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखता है।" इंटरनेट पर शैख की साइट से
समाप्त हुआ :
http://www.halal2.com/ftawaDetail.asp?id=23668
और अल्लाह तआला ही सर्वश्रेष्ठ जानता है।